Baba Ramdev Jayanti- बाबा रामदेव हिंदुओं के लिए कृष्ण तो मुसलमानों के लिए "रामसा पीर"

लोक देवता रामसापीर की जयंती पर हार्दिक नमन!!( जानिए "रामसा पीर" के बारे में????????)

Baba Ramdev Jayanti : बाबा रामदेव जिनको श्री कृष्ण का अवतार माना जाता है वह हिंदुओं के देव है तो मुस्लिम भाइयों के लिए “रामसा पीर “माने जाते हैं। इनकी गिनती सबसे ज्यादा चमत्कारी और सिद्ध पुरुषों में की जाती है।

बाबा रामदेव राजस्थान के लोक देवता है। बाबा रामदेव को हिंदू एवं मुसलमान दोनों समान देवता व पीर मानते हैं।बाबा रामदेव के पगलिये पूजे जाते हैं। राजस्थान में केवल यही एकमात्र लोक देवता है ,जो संप्रदायिकता से हटकर है।

▪️बाबा रामदेव जयंती कब है और क्यों मनाई जाती है ?

बाबा रामदेव जयंती ,भाद्रपद शुक्ल दशमी को मनाई जाती है . इस बार बाबा रामदेव जयंती 15 सितम्बर 2021 (गुरूवार )को है। इस दिन बाबा रामदेव के पुगलियों की पूजा की जाती है।

इस दिन इसलिए मनाई जाती है कि बाबा रामदेव ने जीवित समाधि ली थी। यह समाधी राजस्थान के जैसलमेर जिले के पोकरण तहसील के रुणिचा (रामदेवरा )में स्थित है।

इन्होंने अत्याचार ,वैर- द्वेष, छुआछूत का विरोध कर आंदोलन चलाया।
रामदेव जी का मेला भाद्रपद शुक्ला द्वितीय से एकादशी तक प्रतिवर्ष भरता है।

▪️रामदेव जयंती (Baba Ramdev day celebration) कैसे मनाई जाती है ?
बाबा रामदेव जयंती पर उनके “पगलिये” की पूजा की जाती है . इस दिन रामदेव जी के भक्त इन्हें कपड़े का बना घोड़ा चढाते हैं ,इनके घोड़े का नाम लीला था।

इनके मेघवाल भक्तजनों को ” रिखिया “कहते हैं। इस दिन कामड़ जाति की स्त्रियों द्वारा तेरहताली नृत्य किया जाता है।

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