विवाह में देरी, कारण और निवारण..

विश्व प्रसिद्ध वास्तु ज्योतिष एवं तंत्र गुरु श्री मनीष साईं जी के अनुसार-

विवाह में देरी, कारण और निवारण..

मंदिर में भोग, अस्पताल में रोग और ज्योतिष में योग का बड़ा महत्व है। योग शब्द की विस्तृत व्याख्या की आवश्यकता नहीं है। योग मिलन का पर्याय है और कुंडली देखने पर सबसे पहला प्रश्न यही आता है कि गुरुजी पुत्री या पुत्र के विवाह का योग कब बन रहा है। जन्म कुंडली का सातवां भाव विवाह, पत्नी, ससुराल, प्रेम, भागीदारी एवं गुप्त व्यापार का कहा गया है। सातवां भाव यदि पाप ग्रहों द्वारा देखा जाता है उसमें अशुभ राशि योग पड़े हे तो विवाह में विलंब होगा। वैवाहिक जीवन सुखमय बीते इसके लिए शादी से पहले गुण मिलान के साथ-साथ ग्रह मिलान भी आवश्यक है। कन्या की कुंडली में विवाह कारक बृहस्पति होता है और पुरूष की कुंडली में विवाह का विचार शुक्र से किया जाता है। यदि दोनों ग्रह शुभ हों और उनपर शुभ ग्रहों की दृष्टि पड़ती हो तो विवाह का योग जल्दी बनता है। विवाह देरी से कराने में बहुत से ग्रह कारक होते हैं। यह ध्यान में रखना चाहिए कि पुरुषों के लिए पत्नी कारक ग्रह शुक्र है जबकि स्त्रियों के लिए पति कारक ग्रह बृहस्पति है। मांगलिक दोष में चाहे पुरुष हो या स्त्री दोनों का विवाह विलंब से होता है। मैं ज्यादा कुंडली के बारे में आपको समझाना नहीं चाहता क्योंकि यह बहुत विस्तृत है और ना ही आपको ज्योतिष सीखना है। सिर्फ यह बताना चाहता हूं कि ऐसे कौन से उपाय हैं जिनसे आप का विवाह शीघ्र होगा। संक्षिप्त में जान लेते हैं के विवाह में बाधा का कारण क्या है-

1. शनि सप्तम भाव में स्थित हो, भले ही स्वगृही हो, परंतु सूर्य से या मंगल से सप्तमस्थ होने के कारण विवाह में बाधा आती है।
2. यदि किसी कन्या की कुंडली में सप्तम भाव में मंगल, शनि व शुक्र के साथ युति कर रहा हो तो कन्या का विवाह बड़ी उम्र में होता है।
3. यदि कन्या की कुंडली में लग्न में मंगल, सूर्य व बुध हो और गुरु द्वादश भाव में हो तो कन्या का विवाह देरी से होता है।
4. यदि कुंडली में शनि व सूर्य पारस्परिक दृष्टि संबंध रखते हों व लग्न या सप्तम भाव प्रभावित हो रहा हो तो विवाह की संभावनाएं बहुत कम होती हैं।

 मान्यता है कि निम्नलिखित उपाय करने पर विवाह योग बनते हैं एवं विवाह शीघ्र होता है-

माँ पार्वती की विधिवत पूजा करके प्रतिदिन निम्नांकित मंत्र की पाँच माला का जाप करने पर मनोरथ शीघ्र पूर्ण होती है-
हे गौरि शंकरार्धांगि यथा त्व शंकर प्रिया।
तथा मां कुरु कल्याणि, कान्तकांता सुदुर्लुभाम्‌॥

माह की प्रत्येक प्रदोष तिथि को माँ पार्वती का श्रृंगार कर विधिवत पूजन करें। तीन रत्ती से अधिक का जरकन, हीरे या पुखराज की अँगूठी अनामिका में शुभ मुहूर्त में विधिवत धारण करें। रोज क्वार्ट्ज पावर ग्रिड के नीचे फोटो रखने से विवाह शीघ्र होता है।

हल्दी के प्रयोग से उपाय:विवाह योग लोगों को शीघ्र विवाह के लिये प्रत्येक गुरुवार को नहाने वाले पानी में एक चुटकी हल्दी डालकर स्नान करना चाहिए. भोजन में केसर का सेवन करने से विवाह शीघ्र होने की संभावनाएं बनती है।

पीला वस्त्र धारण करना :ऎसे व्यक्ति को सदैव शरीर पर कोई भी एक पीला वस्त्र धारण करके रखना चाहिए।

 वृ्द्धो का सम्मान करना: उपाय करने वाले व्यक्ति को कभी भी अपने से बडों व वृ्द्धों का अपमान नहीं करना चाहिए।

गाय को रोटी देना: जिन व्यक्तियों को शीघ्र विवाह की कामना हों उन्हें गुरुवार को गाय को दो आटे के पेडे पर थोडी हल्दी लगाकर खिलाना चाहिए। तथा इसके साथ ही थोडा सा गुड व चने की पीली दाल का भोग गाय को लगाना शुभ होता है।

 शीघ्र विवाह प्रयोग:इसके अलावा शीघ्र विवाह के लिये एक प्रयोग भी किया जा सकता है।यह प्रयोग शुक्ल पक्ष के प्रथम गुरुवार को किया जाता है। इस प्रयोग में गुरुवार की शाम को पांच प्रकार की मिठाई, हरी ईलायची का जोडा तथा शुद्ध घी के दीपक के साथ जल अर्पित करना चाहिये।यह प्रयोग लगातार तीन गुरुवार को करना चाहिए।

 केले के वृ्क्ष की पूजा: गुरुवार को केले के वृ्क्ष के सामने गुरु के 108 नामों का उच्चारण करने के साथ शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए. अथा जल भी अर्पित करना चाहिए।

 सूखे नारियल से उपाय:एक अन्य उपाय के रुप में सोमवार की रात्रि के 12 बजे के बाद कुछ भी ग्रहण नहीं किया जाता, इस उपाय के लिये जल भी ग्रहण नहीं किया जाता।इस उपाय को करने के लिये अगले दिन मंगलवार को प्रात: सूर्योदय काल में एक सूखा नारियल लें, सूखे नारियल में चाकू की सहायता से एक इंच लम्बा छेद किया जाता है. अब इस छेद में 300 ग्राम बूरा (चीनी पाऊडर) तथा 11 रुपये का पंचमेवा मिलाकर नारियल को भर दिया जाता है।
यह कार्य करने के बाद इस नारियल को पीपल के पेड के नीचे गड्डा करके दबा देना।इसके बाद गड्डे को मिट्टी से भर देना है। तथा कोई पत्थर भी उसके ऊपर रख देना चाहिए।यह क्रिया लगातार 7 मंगलवार करने से व्यक्ति को लाभ प्राप्त होता है।यह ध्यान रखना है कि सोमवार की रात 12 बजे के बाद कुछ भी ग्रहण नहीं करना है।

ग्रह की वस्तुओं से स्नान करना उपायों के अन्तर्गत आता है।शुक्र का स्नान उपाय करते समय जल में बडी इलायची डालकर उबाल कर इस जल को स्नान के पानी में मिलाया जाता है। इसके बाद इस पानी से स्नान किया जाता है. स्नान करने से वस्तु का प्रभाव व्यक्ति पर प्रत्यक्ष रुप से पडता है। तथा शुक्र के दोषों का निवारण होता है।
 छुआरे सिरहाने रख कर सोना:यह उपाय उन व्यक्तियों को करना चाहिए। जिन व्यक्तियों की विवाह की आयु हो चुकी है।परन्तु विवाह संपन्न होने में बाधा आ रही है।इस उपाय को करने के लिये शुक्रवार की रात्रि में आठ छुआरे जल में उबाल कर जल के साथ ही अपने सोने वाले स्थान पर सिरहाने रख कर सोयें तथा शनिवार को प्रात: स्नान करने के बाद किसी भी बहते जल में इन्हें प्रवाहित कर दें।

लड़की के पिता जब जब लड़के वाले के यहाँ विवाह प्रस्ताव लेकर जाए तो लड़की अपनी चोटी खुली रखे और जब तक पिता लौटकर घर न आ जाए तब तक चोटी नहीं बाँधनी चाहिए।

कन्या जब किसी कन्या के विवाह में जाये और यदि वहन पर कन्या को मेहँदी लग रहे हो तो अविवाहित कन्या कुछ मेहँदी उस कन्या के हाथ से लगवा ले तो विवाह का मार्ग प्रशस्त होता है।

कन्या के विवाह की चर्चा करने उसके घर के लोग जब भी किसी के यहाँ जायें तो कन्या खुले बालों से,लाल वस्त्र धारण कर हँसते हुए उन्हें कोई मिष्ठान खिला कर विदा करे।विवाह की चर्चा सफल होगी।

विवाह योग्य लडके और लडकियां प्रत्येक गुरूवार को स्नान के जल में एक चुटकी पिसी हल्दी डालकर स्नान करें। गुरूवार के दिन आटे के दो पेडों पर थोडी-सी हल्दी लगाकर, थोडी गुड और चने की दाल गाय को खिलाएं। इससे विवाह का योग शीघ्र बनता है।

लड़की गुरुवार को अपने तकिए के नीचे हल्दी की गांठ पीले वस्त्र में लपेट कर रखे।

पुरुषों को विभिन्न रंगों से स्त्रियों की तस्वीरें और महिलाओं को लाल रंग से पुरुषों की तस्वीर सफ़ेद कागज पर रोजाना तीन महिने तक एक एक बनानी चाहिये।

लड़के के विवाह में विलंब हो रहा हो तो मिट्टी के कुल्हड़ में मशरूम ऊपर तक भर कर ढक्कन लगा कर किसी भी धार्मिक स्थान, मंदिर या मस्जिद में दान कर आएं। लड़का शुक्ल पक्ष के प्रथम

शुक्रवार को सूर्यास्त से पूर्व विवाह शीघ्र होने की ईश्वर से प्रार्थना कर भोजन रसोईघर में बैठकर करे, रिश्ते आने लगेंगे।

विवाह में विलंब हो रहा हो तो चांदी की एक ठोस गोली चांदी की ही चेन में पिरोकर शुक्ल पक्ष के प्रथम सोमवार को प्रातः गंगा जल व कच्चे दूध से पवित्र करके धूप दीप दिखाकर मंदिर में शिवलिंग या शिव-पार्वती के चरणों से छुआकर निष्ठापूर्वक प्रार्थना कर, गले में धारण कर लें। पहनने के पश्चात गरीबों को कुछ अवश्य खिलाएं
शुक्ल पक्ष के पहले गुरुवार को सात केले, सात गौ ग्राम गुड़ और एक नारियल लेकर किसी नदी या सरोवर पर जाएं। अब कन्या को वस्त्र सहित नदी के जल में स्नान कराकर उसके ऊपर से जटा वाला नारियल ऊसारकर नदी में प्रवाहित कर दें। इसके बाद थोड़ा गुड़ व एक केला चंद्रदेव के नाम पर व इतनी ही सामग्री सूर्यदेव के नाम पर नदी के किनारे रखकर उन्हें प्रणाम कर लें। थोड़े से गुड़ को प्रसाद के रूप में कन्या स्वयं खाएं और शेष सामग्री को गाय को खिला दें। इस टोटके से कन्या का विवाह शीघ्र ही हो जाएगा।
कुम्हार अपने चाक को जिस डंडे से घुमाता है, उसे किसी तरह किसी को बिना बताए प्राप्त कर लें। इसके बाद घर के किसी कोने को रंग-रोगन कर साफ कर लें। इस स्थान पर उस डंडे को लंहगा-चुनरी व सुहाग का अन्य सामग्री से सजाकर दुल्हन का स्वरूप देकर एक कोने में खड़ करके गुड़ और चावलों से इसकी पूजा करें।इस टोटके से लड़के का विवाह शीघ्र ही हो जाता है। यदि चालीस दिनों में इच्छा पूरी न हो तो फिर यही प्रक्रिया दोहराएं(डंडा प्राप्त करने से लेकर पूजा तक)। यह प्रक्रिया सात बार कर सकते हैं।
 यदि ज्योतिषी कारणों से या घर में वास्तु की समस्या से या किसी के द्वारा आपके विवाह को बांध दिया गया है तंत्र मंत्र से, तो इन उपायों से निश्चित तौर पर आपकी समस्या का समाधान होगा। इसके बावजूद यदि आप संतुष्ट नहीं है तो आप परम पूज्य गुरुदेव श्री मनीष साई जी से विवाह के संबंध में परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। आप हमारे संस्थान के WhatsApp नंबर 7000632297 पर अपनी कुंडली से संबंधित जानकारी तथा फेस रीडिंग के लिए फोटो भेज सकते हैं संस्थान आपकी समस्या का समाधान करने का प्रयास करेगा।
हमारा पता है –
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